आज होने वाले सत्संग ध्यानाभ्यास कार्यक्रम
प्रभु प्रेमियों ! आज होने वाले ध्यान अभ्यास कार्यक्रम में मुख्य है स्वामी वेदानंद जी महाराज की अध्यक्षता और उनकी देखरेख में होने वाले 1 जनवरी से 9 जनवरी तक ध्यान अभ्यास कार्यक्रम । जो सबौर, भागलपुर बिहार के महर्षि मेंहीं मठ आश्रम में निर्विघ्न संपन्न हो रहा है। सत्संग कार्यक्रम में स्वामी अनुभव आनंद एवं ज्ञानी बाबा द्वारा आयोजित सत्संग कार्यक्रम प्रमुख है। जिसकी सूचना निम्नांकित प्रकार से है-
 | | 3 जनवरी 2026 |
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3 जनवरी 2026 ई को होने वाले सत्संग ध्यान कार्यक्रम
प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को बाहरी आडंबरों से हटाकर अंतर्मुखी करना और उसे अपने वास्तविक स्वरूप (आत्मा) का बोध कराना है। संतमत का मार्ग पूरी तरह से आध्यात्मिक और वैज्ञानिक है, जो 'स्व' की खोज पर आधारित है। संतमत का सबसे बड़ा उद्देश्य यह बताना है कि ईश्वर मंदिर, मस्जिद या किसी बाहरी स्थान के बजाय मनुष्य के अपने शरीर के भीतर ही विराजमान है। सत्संग के माध्यम से साधक को शरीर के नौ द्वारों से सिमटकर दसवें द्वार (सप्तक) में प्रवेश करने की विधि सिखाई जाती है। आवागमन (जन्म-मरण) के चक्र से मुक्ति संसार के दुखों और बार-बार जन्म लेने व मरने के चक्र से छुटकारा पाना ही 'मोक्ष' है। संतमत का मानना है कि जब तक जीव माया के प्रभाव में है, वह भटकता रहेगा। सत्संग वह मार्ग दिखाता है, जिससे जीव माया का पर्दा हटाकर परमात्मा में विलीन हो सके।
आज के भागदौड़ भरे जीवन में मन अशांत और चंचल है।मन की शांति और शुद्धिकरण सत्संग और ध्यानाभ्यास के माध्यम से किया जा सकता है। मानस जप, मानस ध्यान, दृष्टि योग और नादानुसंधान के माध्यम से मन की अशांति को दूर किया जाता है। इसमें पूर्ण सफलता के लिए नैतिक और सदाचारी जीवन होना जरूरी है जिसके लिए झूठ,चोरी,नशा,हिंसा और व्यभिचार जैसे दुर्गुणों से बचते हुए रहकर किसी अनुभवी मार्गदर्शक (सद्गुरु) के मार्गदर्शन में उपरोक्त साधनाओं को करें और सात्विक जीवन बितवे। इसके लिए संतमत सत्संग के प्रमुख उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न तरह के सत्संग और ध्यान अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । आज 3 जनवरी 2026 ई को निम्नांकित कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं --
 | | 1 से 9 जनवरी तक ध्यान अभ्यास |
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 | | 1 से 7 जनवरी तक ध्यान अभ्यास |
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 | | 3 से 9 जनवरी तक भागवत कथा |
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