सत्संग ध्यान ब्रेकिंग न्यूज

ताज़ा न्यूज़
लोड हो रहा है...
ध्यान न्यूज़
लोड हो रहा है...

देवघर में संतमत-सत्संग का 35वां वार्षिक अधिवेशन: 'ध्यान ही परम सुख का एकमात्र मार्ग'

देवघर में संतमत-सत्संग का 35वां वार्षिक अधिवेशन: 'ध्यान ही परम सुख का एकमात्र मार्ग'

देवघर में संतमत-सत्संग का 35वां वार्षिक अधिवेशन: 'ध्यान ही परम सुख का एकमात्र मार्ग'

देवघर जिला संतमत-सत्संग का 35वां वार्षिक अधिवेशन 2026 का भव्य मंच और साधु-संत।
देवघर जिला संतमत-सत्संग

देवघर, झारखंड: देवघर जिला संतमत-सत्संग समिति के तत्वावधान में कुंडा मोड़ स्थित एच.पी. पेट्रोल पंप के समीप 31 जनवरी और 01 फरवरी 2026 को 35वें वार्षिक अधिवेशन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से पधारे पूज्य संतों ने महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाया।

अध्यात्म और शांति का संगम

​अधिवेशन के प्रथम दिन का शुभारंभ गुरु वंदना और सामूहिक ध्यान के साथ हुआ। मंच पर महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज और पूज्यपाद महर्षि हरिनंदन परमहंस जी महाराज के चित्रों के सान्निध्य में संतों ने सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डाला। पोस्टर के अनुसार, इस कार्यक्रम का आयोजन कास्टर टाउन, देवघर की समिति द्वारा अत्यंत श्रद्धा भाव से किया गया है।

ध्यान से ही परम सुख की प्राप्ति: संत दलबहादुर

​सत्संग के दौरान महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के प्रिय शिष्य पूज्य संत दलबहादुर बाबा के विचारों को याद किया गया। उन्होंने सदैव इस बात पर जोर दिया कि आज का मनुष्य सुख को दुःख और दुःख को सुख समझकर संसार के मोह-जाल में फँसा हुआ है।

संत दलबहादुर जी के प्रमुख उपदेश:

  1. अधोगति से उर्ध्वगति: हम वर्तमान में सांसारिक विकारों के कारण नीचे की ओर गिर रहे हैं। संत-महात्माओं द्वारा बताई गई ध्यान की क्रिया ही हमें ऊपर (परमात्मा की ओर) ले जा सकती है।
  2. सांसारिक सुख बनाम पारमार्थिक सुख: संसार से मिलने वाला सुख क्षणिक है और अंततः दुःख का कारण बनता है। असली सुख 'परमार्थ' में है, जिसे पाकर मनुष्य फिर कभी दुखी नहीं होता।
  3. आत्मा और शरीर का पृथक्करण: जिस प्रकार कुश से सींक को अलग किया जाता है, वैसे ही योगी अपनी युक्ति से शरीर से आत्मा को पृथक कर परमात्मा का साक्षात्कार करते हैं।

संतोष और ईश्वर प्रेम

​अधिवेशन में वक्ताओं ने कहा कि संसार में रहते हुए यदि संतोष है, तो सांसारिक सुख मिल सकता है, लेकिन पारमार्थिक सुख के लिए ईश्वर प्रेम अनिवार्य है। यह प्रेम तभी जागृत होगा जब साधक नियमित रूप से 'ध्यान-भजन' करेगा। संतों ने आह्वान किया कि यदि आप अनंत सुख की खोज में हैं, तो सत्संग के मार्ग पर चलें और संतों द्वारा बताई गई विधि का पालन करें।

निष्कर्ष

​देवघर का यह 35वां अधिवेशन समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को जगाने का एक सशक्त माध्यम बना है। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने संतों के वचनों को आत्मसात किया और जीवन में ध्यान को अपनाने का संकल्प लिया।

🙏🍎🍋🍏🍊


जय गुरु महाराज! 🙏

देवघर जिला संतमत-सत्संग का 35वां वार्षिक अधिवेशन

​आज देवघर की पावन धरती पर महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज की कृपा से सत्संग की अमृत वर्षा हो रही है।

​✨ मुख्य संदेश:

"सांसारिक सुख क्षणिक है, जबकि ध्यान से मिलने वाला पारमार्थिक सुख ही शाश्वत है।" - संत दलबहादुर बाबा

​📍 स्थान: कुंडा मोड़ के समीप, देवघर।

📅 तिथि: 31 जनवरी एवं 01 फरवरी 2026।

​आइए, हम सब मिलकर इस सत्संग रूपी गंगा में डुबकी लगायें और अपने जीवन को धन्य बनायें।

अधिक जानकारी और सत्संग विचारों के लिए हमसे जुड़े रहें।

👉 [https://satsangdhyannews.blogspot.com/2026/01/deoghar-jila-santmat-satsang-35th-annual-convention-2026.html ]

#Santmat #Deoghar #Mehi #Satsang #SantmatSatsang #Mehi #Deoghar #Spirituality #Meditation #Satsang2026 #HindiNews

🙏🍏🍋🍎🍊








सत्संग एवं ध्यान कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार हेतु विनम्र निवेदन

सत्संग ध्यान स्टोर 📚 सामग्री-सूची

     प्रभु प्रेमियों ! सद्गुरु महर्षि मेँहीँ सहित संतों के सभी पुस्तकें, चित्र, लौकेट, कलम, आसनी एवं सत्संग ध्यान से संबंधित अन्य सभी सामग्री "सत्संग ध्यान स्टोरपर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपलब्ध है। इन सामग्रियों को खरीद कर आप मोक्ष-पर्यंत चलने वाले ध्यानाभ्यास कार्यक्रम में सहयोग करने का पुण्य प्राप्त करेंगे। क्योंकि  इसके आमदनी से उपरोक्त कार्यक्रम का संचालन होता है। अत: अभी कुछ-न-कुछ आर्डर अवश्य करें. अपनी आवश्यक सामग्री देखने के लिए    👉 यहाँ दवाएँ ।

सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज की पुस्तकें मुफ्त में पाने के लिए  शर्तों के बारे में जानने के लिए   👉 यहाँ  दवाएँ।

🙏🙏🙏🙏🙏


🙏 हमारे आधिकारिक व्हाट्सएप चैनलों से जुड़ें 🙏

📰 ताज़ा सत्संग समाचारों के लिए:

जुड़ें: सत्संग ध्यान न्यूज़

🧘‍♂️ सामूहिक ध्यान अभ्यास के लिए:

जुड़ें: सत्संग ध्यान अभ्यास
*चैनल खोलने के बाद ऊपर 'Follow' और 'घंटी' 🔔 का बटन जरूर दबाएं।

जय गुरु महाराज🙏🙏

कोई टिप्पणी नहीं:

सभी सत्संग प्रेमी अपने-अपने क्षेत्र के सत्संग ध्यानाभ्यास कार्यक्रम की जानकारी हमारे व्हाट्सएप नंबर 7547006282 पर अवश्य भेजें। कृपया इस नंबर पर फोन नहीं करें इससे ध्यानाभ्यास में डिस्टर्ब होता है।

Ad

Blogger द्वारा संचालित.
यूट्यूब संतवाणी गीता गुरुवाणी स्टोर शब्दकोश स्टेप चर्चा वेबसाइट न्यूज लाइब्रेरी