झारखंड की पावन धरा पर आध्यात्मिक समागम: बिरनियाँ में सजेगा दो दिवसीय भव्य 'संतमत सत्संग' का दरबार
आयोजन का स्वरूप और प्रमुख संत
इस सत्संग ज्ञान-यज्ञ का आयोजन स्वामी भावेशानंद जी महाराज (निवेदक) के सानिध्य में किया जा रहा है। आयोजन स्थल शाहीनगर, फुलबड़िया लुरना टिकर, बिरनियाँ है।
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सत्संग की महिमा का बखान करने के लिए देश के कोने-कोने से प्रखर विद्वान और वरिष्ठ साधु-महात्मा पधार रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से:
- पूज्य स्वामी भावेशानंद जी महाराज
- पूज्य स्वामी शोभानंद जी महाराज
- पूज्य स्वामी चतुर्गुणाभ योगी जी महाराज (प्रयागराज)
- ज्ञानानंद जी महाराज (कनखुड़िया, बिहार)
- स्वामी करूणानंद जी महाराज बाबा
- स्वामी उमेशानंद बाबा, पूज्य स्वामी स्वात्मानंद बाबा और पूज्य स्वामी विद्यानंद बाबा के अमृतमयी प्रवचन होंगे।
सत्संग कार्यक्रम की रूपरेखा
यह दो दिवसीय कार्यक्रम गुरुवार और शुक्रवार (15-16 अप्रैल) को आयोजित होगा। कार्यक्रम का समय प्रतिदिन:
- प्रातः काल: 6:00 बजे से (स्तुति, प्रार्थना और ध्यान)
- अपराह्न: 2:00 बजे से (ग्रन्थ पाठ, प्रवचन और सत्संग)
कर्म का फल: एक गहरा बोध
अध्यात्म केवल प्रवचनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन के कर्मों का आइना है। जैसा कि अक्सर संतमत के महापुरुष बताते हैं, मनुष्य अपने भाग्य का विधाता स्वयं है। एक पौराणिक प्रसंग के अनुसार, जब देवर्षि नारद और ऋषि अंगिरा एक मिठाई की दुकान के पास से गुजर रहे थे, तो उन्होंने एक कुत्ते को दुकान के मालिक द्वारा डंडे से पिटते देखा।
नारद जी ने हंसते हुए इसका रहस्य बताया कि वह कुत्ता पिछले जन्म में उसी दुकान का कंजूस मालिक था, जिसने अपने बेटे के लिए अथाह संपत्ति जोड़ी थी। आज वही बेटा (वर्तमान दुकान मालिक) अपने पिता (कुत्ते के रूप में) को जूठन तक नहीं दे रहा है। यह कथा स्पष्ट करती है कि:
"मनुष्य को अपने शुभ और अशुभ कर्मों का फल जरूर मिलता है, चाहे उसे कई जन्मों की यात्रा क्यों न करनी पड़े।"
महर्षि मेँहीँ और संतमत का संदेश
संतमत का मूल उद्देश्य आत्मा को परमात्मा से जोड़ना है। महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के सिद्धांतों के अनुसार, मानस जप, मानस ध्यान, दृष्टि साधन और नादानुसंधान के माध्यम से ही मोक्ष संभव है। बिरनियाँ में होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं को इन गूढ़ विषयों को समझने और अपने जीवन में उतारने का अवसर प्रदान करेगा।
भक्तों के लिए आह्वान
निवेदक स्वामी भावेशानंद जी ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से आग्रह किया है कि वे इस सत्संग ज्ञान-यज्ञ में सपरिवार उपस्थित होकर संतों की वाणी का लाभ उठाएं। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास और भोजन (लंगर) की समुचित व्यवस्था की गई है।
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🚩 जय गुरु महाराज 🚩
धार्मिक एवं आध्यात्मिक सूचना!
झारखंड की पावन भूमि पर होने जा रहा है दो दिवसीय भव्य संतमत सत्संग!
🗓️ दिनांक: 15 एवं 16 अप्रैल 2026 (गुरुवार एवं शुक्रवार)
📍 स्थान: महर्षि मेँहीँ संत शाही साहब धाम, शाहीनगर, बिरनियाँ (झारखंड)
✨ प्रमुख आकर्षण:
देश के प्रख्यात संत महात्माओं के मुखारविंद से प्रवचन, स्तुति-प्रार्थना और सामूहिक ध्यान का दिव्य अवसर।
🐕 विशेष संदेश:
“कर्म का फल अटल है।” जैसे बोओगे, वैसा ही काटोगे। आइए, सत्संग के माध्यम से अपने जीवन को संवारें और प्रभु चरणों में प्रीति बढ़ाएं।
🙏 निवेदक: स्वामी भावेशानंद जी महाराज (मो. 6201137624)
सपरिवार सादर आमंत्रित हैं! अधिक से अधिक शेयर करें।
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