समय की महत्ता और संतमत का संदेश: स्वामी गौतम ब्रह्मचारी जी महाराज के आध्यात्मिक विचार
जय गुरु महाराज!
मानव जीवन का परम लक्ष्य ईश्वरीय साक्षात्कार और आत्मिक शांति प्राप्त करना है। इसी पावन उद्देश्य को जन-जन तक पहुँचाने के लिए संतमत के महान विभूतियों ने सदैव मार्गदर्शन किया है। आज के इस विशेष लेख में हम महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के आशीर्वाद से संचालित सत्संग सेवा और स्वामी गौतम ब्रह्मचारी जी महाराज के प्रचार कार्यों पर प्रकाश डालेंगे।
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महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज: एक दिव्य ज्योति
संतमत के दैदीप्यमान नक्षत्र महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज ने 'योग' और 'भक्ति' का ऐसा संगम प्रस्तुत किया है, जो गृहस्थ और विरक्त दोनों के लिए सुलभ है। उन्होंने सिखाया कि परमात्मा कहीं बाहर नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर है। उनके द्वारा रचित "सत्य का मार्ग" आज भी लाखों अनुयायियों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा रहा है।
"समय गया फिरता नहीं": जीवन का अनमोल सूत्र
जैसा कि पोस्टर में उल्लेखित है:
"समय गया फिरता नहीं, झट ही करो निज काम।
जो बीता सो बीतिया, अबहू गहों गुरु नाम।।"
यह पंक्तियाँ महर्षि मेँहीँ जी के दर्शन का सार हैं। हम अक्सर कल के भरोसे आध्यात्मिक साधना को टाल देते हैं, जबकि मृत्यु और समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करते। बीता हुआ समय वापस नहीं आ सकता, लेकिन वर्तमान के क्षणों में 'गुरु नाम' का आश्रय लेकर जीवन को सफल बनाया जा सकता है।
सत्संग कथा प्रचारक: स्वामी गौतम ब्रह्मचारी जी महाराज
स्वामी गौतम ब्रह्मचारी जी महाराज, महर्षि मेँहीँ संतमत सत्संग आश्रम पचरुखी, दशरथपुर (मुंगेर) के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना जगाने का कार्य कर रहे हैं। वे न केवल कथा और प्रवचन के माध्यम से लोगों को अध्यात्म से जोड़ रहे हैं, बल्कि विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्कारों को शास्त्रीय विधि से संपन्न करने में भी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
धार्मिक एवं मांगलिक कार्यों हेतु सेवाएँ
स्वामी जी के सानिध्य में निम्नलिखित कर्मकांडों और अनुष्ठानों के लिए संपर्क किया जा सकता है:
- विवाह संस्कार: वैदिक रीति-रिवाज से दांपत्य जीवन की शुरुआत।
- तिलक एवं मुण्डन: बच्चों के शुभ संस्कारों के लिए उचित मार्गदर्शन।
- श्राद्ध कर्म: पूर्वजों की शांति के लिए विधि-विधान पूर्वक पूजन।
- हवन एवं अन्य कर्मकांड: घर की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए हवन पूजा।
आश्रम का स्थान और संपर्क विवरण
यदि आप आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं या किसी मांगलिक कार्य हेतु परामर्श चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हैं:
- स्थान: महर्षि मेँहीँ, संतमत सत्संग आश्रम पचरुखी, दशरथपुर, मुंगेर (बिहार)।
- संपर्क सूत्र (Mobile): 9304685325
निष्कर्ष
सत्संग का अर्थ है 'सत्य का संग'। जब हम महापुरुषों के विचारों से जुड़ते हैं, तो हमारे भीतर के विकार नष्ट होने लगते हैं। स्वामी गौतम ब्रह्मचारी जी का यह प्रयास कि घर-घर तक महर्षि मेँहीँ जी का संदेश पहुँचे, वंदनीय है। आइए, हम सब अपने व्यस्त जीवन में से कुछ समय निकालकर 'गुरु नाम' की महिमा को समझें और अपने कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
जय गुरु महाराज!
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जय गुरु महाराज! 🙏🙏🙏
समय गया फिरता नहीं, झट ही करो निज काम।
जो बीता सो बीतिया, अबहू गहों गुरु नाम।।
परम पूज्य महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए स्वामी गौतम ब्रह्मचारी जी महाराज (मुंगेर) प्रयासरत हैं।
✅ विशेष सेवाएं:
शादी, तिलक, मुंडन, श्राद्ध एवं अन्य मांगलिक कार्यों में हवन-पूजन हेतु संपर्क करें।
📍 पता: महर्षि मेँहीँ संतमत सत्संग आश्रम, पचरुखी, दशरथपुर, मुंगेर।
📞 संपर्क: 9304685325
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स्वामी निर्मल बाबा मुंगेर
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